नियमावली प्रारूप

  • बायीं ओर लेखक का छायाचित्र और उसके नीचे लेखक का पूर्ण नाम
  • शोध आलेख का शीर्षक
  • बीज शब्द
  • शोध-सार
  • शोध आलेख का मुख्य भाग
  • संदर्भ सूची
  • लेखक का परिचय (संपर्क सूत्र सहित)

ध्यान रहे कि-

  1. साहित्य संस्कृति: त्रैमासिक पत्रिका हेतु प्रेषित सभी शोध आलेखों के शीर्षक एवं विषयवस्तु पूर्णतः मौलिक और नवीन होने चाहिए। किसी भी प्रकार की समानता या पुनरावृत्ति पत्रिका की गरिमा को आघात पहुँचा सकती है। अतः आलेख भेजने से पूर्व यह सुनिश्चित करें कि आपका शीर्षक और आलेख दोनों पूर्णतः मौलिक हों।
  2. शोध आलेख की भाषा हिंदी/इंग्लिश एवं लिपि देवनागरी होनी आवश्यक है।
  3. शोध आलेख केवल यूनिकोड फॉण्ट (Mangal या Kokila) में स्वीकार किए जाएँगे। Kruti Dev या अन्य फॉण्ट में लिखित शोध आलेख अस्वीकार्य होंगे।
  4. फॉण्ट आकार: कोकिला यूनिकोड का मूल आकार16 या मंगल यूनिकोड का मूल आकार 12 होना चाहिए।
  5. संदर्भ (References): सभी संदर्भ End Note में दिए जाएँ, Footnote स्वीकार नहीं किए जाएँगे।
  6. पृष्ठ आकार: A4, पंक्ति-अंतराल 1.15 रखा जाए। शीर्षक, शोध-सार, बीज शब्द और आमुख को छोड़कर अन्य किसी भी उपशीर्षक को बोल्ड न किया जाए।
  7. आलेख की प्रति Word एवं PDF दोनों रूपों में भेजी जाए।
  8. आलेख केवल ई-मेल माध्यम से ही स्वीकार किए जाएँगे।
  9. शब्द सीमा: आलेख की न्यूनतम शब्द सीमा 2500 एवं अधिकतम शब्द सीमा 3000 ही स्वीकार्य होगी।
  10. संदर्भों की संख्या: न्यूनतम 10 और अधिकतम 20 के मध्य होनी चाहिए।
  11. आलेख में किसी भी प्रकार के बुलेट, प्रतीक या चिन्ह का प्रयोग नहीं किया जाए।
  12. मार्जिन: Top – 1 cm, Bottom – 1 cm, Left – 1 cm, Right – 1 cm.
  13. शोध-सार: 100-150 शब्दों में संक्षेप रूप में प्रस्तुत हो।
  14. बीज शब्द (Key Words): दस के आसपास हो।
  15. निष्कर्ष: कम से कम 150 शब्दों का होना आवश्यक है।
  16. शोध-सार एवं निष्कर्ष में किसी भी प्रकार के संदर्भों का उल्लेख न किया जाए।
  17. संदर्भ ग्रंथ सूची को बोल्ड अक्षरों में निम्न क्रम में लिखा जाए- सर नेम, नाम का प्रथम अक्षर. (प्रकाशन वर्ष). पुस्तक का नाम. प्रकाशित पुस्तक का स्थान: प्रकाशक का नाम. पृष्ठ संख्या

उदाहरण- वाल्मीकि, ओ. (2012). शब्द झूठ नहीं बोलते. नई दिल्ली: अनामिका पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स (प्रा.) लिमिटेड. पृष्ठ संख्या-

  1. लेखक का नाम, पद, पासपोर्ट आकार का फोटो, पता, ई-मेल और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएँ, जिससे सम्पादन प्रक्रिया में संवाद संभव हो सके।
  2. आलेख भेजने का ई-मेल पता- editorsahityasanskritipatrika@gmail.com
  3. आलेख में किसी भी प्रकार की भाषिक त्रुटि, वाक्य-विन्यास दोष या वर्तनी अशुद्धि पाए जाने पर आलेख अस्वीकृत कर दिया जाएगा। अतः आलेख भेजने से पूर्व अपने आलेख को सही से जांच ले कि उसमें किसी प्रकार की कोई अशुद्धि न रहे।
  4. सभी आलेख, शोध आलेख या रचनाएँ विशेषज्ञ समिति एवं संपादक मंडल द्वारा परीक्षण और अनुमोदन के उपरांत ही प्रकाशित की जाएँगी। यदि सुधार की आवश्यकता हुई तो रचनाकार से संशोधन हेतु पुनः मेल किया जाएगा।
  5. अपने आलेख या शोध आलेख के साथ उसके मौलिक होने का घोषणा पत्र अवश्य भेजें।
  6. साहित्य संस्कृति त्रैमासिक पत्रिका का मूल उद्देश्य साहित्य, समाज और सृजनशीलता में नवीनता तथा वैचारिकता को प्रोत्साहित करना है।
  7. साहित्य संस्कृति पत्रिका के चार आधार स्तंभ हैं- साहित्य, समाज, कला और संस्कृति। इन्हीं स्तंभों पर इसकी वैचारिक एवं सृजनात्मक नींव रखी गई है।
  8. सभी रचनाकारों, शोधार्थियों और साहित्यप्रेमियों से अपेक्षा की जाती है कि वे साहित्य संस्कृति की मर्यादा, उद्देश्य और सृजनशील दृष्टि को सफल बनाने में सहभागी बनें।

नोट:

  1. पत्रिका से संबंधित सभी अधिकार प्रधान संपादक के पास सुरक्षित रहेंगे। पत्रिका के सभी सदस्य अस्थायी हैं। समयानुसार पत्रिका के सदस्यों को जोड़ा या हटाया जा सकता है।
  2. पत्रिका के सभी पद अव्यवसायिक हैं। इसीलिए किसी भी सदस्य को कोई मानदेय नहीं दिया जाएगा।

आप सभी का हृदय से धन्यवाद……

डॉ. अनिल

(प्रधान संपादक)

असिस्टेंट प्रोफेसर, हिंदी

स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय

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